Ravish Kumar को 2019 का Ramon Magsaysay Award मिला है। पूरे दिन Twitter और Facebook पर रवीश कुमार को मिले इस सम्मान पर चर्चा रही। NDTV के Prannoy Roy और Radhika Roy समेत पत्रकारिता जगत की हस्तियों और आम लोगों ने भी रवीश को बधाई दी।
एनएमसी विधेयक को जहाँ राज्यसभा से मंजूरी मिल गई है वहीं डॉक्टरों का विरोध अभी तक जारी है। उनका ये मानना है कि एनएमसी बिल राष्ट्रविरोधी, स्वास्थ्य विरोधी और गरीब विरोधी है। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाएगी।
आम आदमी पार्टी दिल्ली की सभी अनधिकृत कॉलोनियां को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। पर केंद्रीय सरकार ने इल्ज़ाम लगाया है कि आम आदमी पार्टी अनधिकृत कॉलोनियों के नाम पर जनता को धोख़ा दे रही है।इससे क्या अंदाज़ा लगाया जाए कि विकास का हर श्रेय सिर्फ भाजपा को ही चाहिए।
Ajitesh-Sakshi का विरोध करने वाले Anti-National क्यों नहीं? बेटी घर की इज्ज़त होती है बेटी घर की शान होती है ऐसा आप लोग हर रोज अपने गली मोहल्ले, मेट्रो और हवाई अड्डे पर सुनते होंगे। बेटी को देवी, वीरांगना न जाने क्या क्या तमगों से लैस कर समाज उनका दिन रात शोषण करता है।
बेटी ने अपनी मर्ज़ी से शादी कर लिया तो समाज के ठेकेदार, पत्रकार और नेता आहत होगये की 2019 के भारत में एक औरत कैसा अपना साथी चुन सकती है। जिस देश में हर साल प्रेमी जोड़े सिर्फ इसलिए मार दिए जाते हैं क्योंकि उन्होंने इश्क़ किया और शादी की।
सपना
चौधरी- हरियाणा के खुले मंचों पर सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली कलाकारों
में से एक हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों में इनकी चर्चा सियासत के मैदानों
में अधिक हुई है। लोकसभा चुनावों से पहले अटकले आई की सपना कांग्रेस में
शामिल हो सकती हैं, इसके बाद भाजपा नेता अश्विनी कुमार चोपड़ा और सुरेंद्र
सिंह ने उनका परिचय दिया था।
अश्विनी कुमार चोपड़ा ने सपना चौधरी को ठुमके लगाने वाली कहा था और भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने उनके काम पर सवाल खड़े कर कहा कि उनका पेशा नाचना, गाना है।उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे आप के पिता स्वर्गीय राजीव गांधी ने सोनिया गांधी को अपना बना लिया, वैसे ही आप भी डांसर सपना चौधरी को अपना बना लें।
पर अब जब वही सपना चौधरी भाजपा के देशव्यापी सदस्यता अभियान से जुड़ने वाली पहली सदस्य हैं तो सब मौन हैं।किसी भी नेता को उनसे कोई शिकायत नहीं।यहाँ सवाल भाजपा नेताओं से है कि क्या अब भी उन्हें सपना चौधरी के नाचने गाने से दिक्कत है ? या केवल क्या भाजपा में सदस्यता ले लेने से सपना को लेकर भाजपा नेताओं की सोच बदल गई है ?
मुंबई में भीषण बारिश के चलते जल-जीवन अस्त-व्यस्त होगया। कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 35-40 लोगों की मारे जाने की बात सामने आरही है। शिवसेना मुखपत्र ने अपने लेख में कहा कि जब भी ऐसा होता है, तब शिवसेना की आलोचना करना फैशन हो जाता है।
एशिया की सबसे अमीर महानगर पालिका का 30000 करोड़ का बजट क्या मातोश्री की लिपाई-पोताई पर ख़र्च होता है?
113 मुस्लिम बच्चों को ट्रेन से नीचे उतारने की कहानी
मेरठ में हिन्दू परिवार पलायन कर रहे हैं. 425 परिवारों में से लगभग 125 परिवार अपना मकान बेचकर पलायन कर चुके है। मुद्दा ज़रा गंभीर नज़र आया, पडताल की तो पता चला कि ये किस्सा है मेरठ शहर के बीच स्थित लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के प्रहलाद नगर का जहाँ के रहने वाले दूसरे समुदाय के लोगों को कम दाम पर मकान बेचकर दूसरी किसी जगह पर जा रहे हैं।
यहां
कई मकानों व प्लाट के गेटों पर अभी भी बिकाऊ लिखा हुआ है।और इनमें से
अधिकांश मकानों की खरीद-बिक्री बीते पांच-छह वर्ष के भीतर हुई है। इस घटना
को स्थानीय भाजपा नेता व बूथ अध्यक्ष भवेश मेहता ने सांप्रदायिक रंगों में
रंग दिया। आँख और मुँह बंद किए भोले-बाले लोग नेताओं के इस जाल में फँस भी
रहे हैं। लेकिन ज़रूरी है भवेश मेहता जैसे नफ़रत के व्यापारियों की पहचान
और सामाजिक रूप से उनका उचित विरोध।
देश के सभी प्रमुख मुद्दो पर और सरकार से सवाल करने प्रशांत कनौजिया अब आ रहे हैं मोलिटिक्स पर, जहाँ सत्ता की तारीफ़ नहीं बल्कि सत्ता से तीखे सवाल पूछे जाएगें और सत्ता पर होगी सवालों की बमबारी।
क्या Jioकी वजह से BSNL पंहुचा घाटे में -जानिए सच्चाई
BSNL जिसका टैगलाइन था – कनैक्टिंग इंडिया वो इस तरह टूटेगा शायद ही किसी ने सोचा था। 3G तक की प्रतिस्पर्धा में ठीक ठाक बनी रही BSNL 4G के दौर में मरणासन्न हो गई है। नौबत ये है कि 1 लाख 76 हज़ार कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए BSNL के पास पैसा नहीं है।
सरकार
के आगे हाथ पसारे BSNL कैश देने की गुहार लगा रही है।आखिर क्या कारण है कि
2000-2009 तक लगातार फ़ायदे में रही ये संस्था साल-दर-साल नुकसान झेलने
लगी। लाखों युवा जिस नौकरी के सपने देखते हैं, आख़िर क्यों वहाँ के
कर्मचारी बहाने पर मजबूर हैं? दरअसल सारा खेल शुरू होता है 2007-08 से।
BSNL को 2600 MHz फ्रीक्वेंसी पर BWA (Broadband Wireless Access)
मिला।2010 में सरकार ने 4G नेटवर्क के लिए नीलामी शुरू की। ये नीलामी 2300
MHz फ्रीक्वेंसी के लिए की गई। इसके बाद एयरटेल ने 2012 में LTE Network पर
4G सेवाएँ शुरू की।
BSNL
ने सरकार को कहा कि उसे मिली 2600 MHz फ्रीक्वेंसी पर LTE Network के
ज़रिए काम नहीं हो पाएगा। BSNL 2011 के बाद से 2600 MHz फ्रीक्वेंसी
स्पेक्ट्रम वापिस कर रिफंड का गुहार करने लगी।
सरकार
ने 2014 में BSNL को रिफंड दिया। ये रिफंड ऑपरेशनल खर्चों को चलाने के लिए
और पहले से मौजूद 2G और 3G को मजबूत करने के लिए दिया गया। लेकिन अब तक
टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर बदल चुकी थी।4G के आने के बाद, जियो का लगभग
एकछत्र राज्य शुरू हो गया। और साथ ही शुरू हो गया बाकी टेलीकॉम कंपनियों का
अवसान।
बाज़ार
में BSNL की कुल हिस्सेदारी मात्र 10 फ़ीसदी रह गई है। नीति आयोग ने BSNL
को बंद करने का प्रस्ताव दिया लेकिन सरकार ने उसे ख़ारिज़ कर दिया।अब देखना
महत्वपूर्ण होगा, कि सरकार अपने इस उपक्रम के बारे में क्या सोच रही है?
जियो के प्रचार में मुख्य रूप से दिखने वाले मोदी सरकार का ध्यान उन 1 लाख
76 हज़ार कर्मचारियों की तरफ है, जिनका भविष्य BSNL की ख़स्ता माली हालत के
कारण अधर में लटकी है?
बुआ-भतीजा के रिश्तो में आ गई दरार : मायावती का अखिलेश पर बड़ा हमला, चुनाव में हार के कारण भी गिनाए
हाल ही में शकील अहमद शेख नाम के एक्टिविस्ट द्वारा फाइल की गयी RTI के जरिये महाराष्ट्र के कई बड़े नेता नगर निगम की ब्लैकलिस्ट में शामिल हो गए। पर ये नेता ब्लैकलिस्ट क्यों हुए ? जवाब में पता चलता है कि महारष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस समेत 18 बड़े नेताओ ने कई सालो से पानी का बिल ही जमा नहीं किया।
निंदनीय है की जो नेता समाज के आदर्श होने चाहिए वो समाज में
चोरी और सरकारी संपत्ति का दुरूपयोग करने के लिए सुर्खियों में नज़र आ रहे
हैं। और तो और हमारे देश में एक चलन ये भी बन गया है की नेता सरकारी आवासों
पर अनधिकृत कब्जा क्र लेते हैं। देश की राजधानी दिल्ली में ही 1200 से
ज्यादा सरकारी बंगलों पर अनधिकृत कब्जा है।
ये बंगले सरकारी सुविधा के तहत कुल आवासों की संख्या के करीब 2 फीसदी हैं। नेताओ द्वारा सरकारी संपत्ति को इस तरह से उपयोग करना न तो केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है बल्कि सरकारी बजट को भारी नुक्सान पहुंचा रहा है।